उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सभी स्कूलों में स्कूल स्तर पर ही हीटवेव एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।
शिक्षा महानिदेशक दीप्ति सिंह ने इस संबंध में सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों (CEO) को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत हर स्कूल में छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी।
निर्देशों के अनुसार, स्कूलों में नियमित अंतराल पर “वाटर बेल” बजाई जाएगी, ताकि छात्र-छात्राएं समय-समय पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बच सकें।
इससे पहले मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भी सभी स्कूलों को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और वाटर बेल लागू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन यह व्यवस्था कई जगहों पर प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो पाई थी।
हाल ही में इस मुद्दे को लेकर सामने आई रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाते हुए नए निर्देश जारी किए हैं।
अब स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि:
सभी छात्रों के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो
कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन हो
जरूरत के अनुसार स्कूल समय में बदलाव किया जा सके
ओआरएस और प्राथमिक दवाएं उपलब्ध रहें
इसके अलावा छात्रों को हीटवेव से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जाएगा। तेज धूप के दौरान खेलकूद और अन्य बाहरी गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्कूल प्रशासन को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि छुट्टी के बाद छात्रों को समूह में घर भेजा जाए, ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
शिक्षा महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



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