उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन और युवा शक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0’ का भव्य समापन टिहरी के गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में हुआ। इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कार्यक्रम में प्रतिभाग कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
यह आयोजन भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से आए लगभग 200 ट्रैकर्स और भारतीय सेना के 100 जवानों ने हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस हाई एल्टीट्यूड मैराथन में प्रतिभागियों ने केदार-बद्री ट्रेल के तहत हेलंग से कलगोट, कलगोट से मंडल होते हुए उखीमठ तक कुल 113 किलोमीटर की कठिन यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। यह मार्ग धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जो बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम सहित पंच केदार को जोड़ता है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रतिभागियों ने अपने साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का अद्भुत प्रदर्शन किया है। उन्होंने भारतीय सेना की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सेना न केवल सीमाओं की रक्षा करती है बल्कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित भी करती है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने Narendra Modi के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में साहसिक पर्यटन को नई पहचान मिल रही है और ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत सीमावर्ती गांवों का तेजी से विकास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान सेना के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य पारंपरिक तीर्थ मार्गों को साहसिक पर्यटन से जोड़ना और युवाओं को पर्वतीय क्षेत्रों की चुनौतियों से परिचित कराना है।
इस आयोजन में कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया, जिनमें ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज Vijender Singh सहित प्रशासनिक और सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।



Admin





