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post authorAdmin 19 Apr 2026

ऋषिकेश एम्स में अंगदान का चमत्कार: 22 मरीजों को मिला नया जीवन.

AIIMS Rishikesh में एक बार फिर मानवता की मिसाल देखने को मिली है। यहां अंगदान की एक सफल श्रृंखला के माध्यम से 22 गंभीर मरीजों को नया जीवन मिला है। यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा क्षेत्र के लिए बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणादायक है।

जानकारी के अनुसार, एक ब्रेन-डेड मरीज के परिजनों ने साहसिक निर्णय लेते हुए अंगदान के लिए सहमति दी। इसके बाद अस्पताल की ट्रांसप्लांट टीम ने तुरंत सक्रिय होकर विभिन्न अंगों को सुरक्षित तरीके से निकालकर जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाया।

 किन-किन अंगों का हुआ प्रत्यारोपण?

इस अंगदान के जरिए कई महत्वपूर्ण अंगों का सफल प्रत्यारोपण किया गया, जिनमें शामिल हैं:

हृदय (Heart)

यकृत (Liver)

गुर्दे (Kidneys)

कॉर्निया (आंखें)

त्वचा (Skin)

इन अंगों को अलग-अलग मरीजों में प्रत्यारोपित किया गया, जिससे 22 लोगों को नई जिंदगी मिली।

 डॉक्टरों की भूमिका

एम्स ऋषिकेश के विशेषज्ञ डॉक्टरों और मेडिकल टीम ने अत्यंत सावधानी और समन्वय के साथ इस जटिल प्रक्रिया को सफल बनाया। समयबद्ध तरीके से अंगों का ट्रांसपोर्ट और ट्रांसप्लांट करना एक बड़ी चुनौती होती है, जिसे टीम ने बखूबी निभाया।

 मानवता की मिसाल

अंगदान करने वाले परिवार का यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणा बन गया है। उनके इस साहसिक कदम ने कई जिंदगियों को बचा लिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अधिक लोग अंगदान के लिए आगे आएं, तो हजारों मरीजों को नया जीवन मिल सकता है।

भारत में अंगदान की स्थिति

भारत में अभी भी अंगदान के प्रति जागरूकता की कमी है। हर साल हजारों मरीज अंगों की कमी के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं समाज को जागरूक करने का काम करती हैं।