खटीमा, उत्तराखंड।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को खटीमा के खेतलसंडा में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को समर्पित एक महत्वपूर्ण सौगात दी। मुख्यमंत्री ने यहां 715.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीएसडी कैंटीन तथा 162.26 लाख रुपये की लागत से बने सैनिक मिलन केंद्र का लोकार्पण किया।
यह कार्यक्रम सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा स्वर्गीय सूबेदार शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित “गौरव सैनिक सम्मान समारोह” के अवसर पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री का रोड शो भी आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों और जनप्रतिनिधियों ने पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया।
शहीदों को श्रद्धांजलि और वीर नारियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने पिता स्वर्गीय सूबेदार शेर सिंह धामी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर उन्होंने 60 वीर नारियों और 80 वीर सैनिकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया, जिससे समारोह भावुक और प्रेरणादायी माहौल में बदल गया।
पिता की स्मृतियों ने किया भावुक
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह उनके लिए बेहद भावुक क्षण है, क्योंकि यह कार्यक्रम उनके पिता की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया है।
उन्होंने कहा कि छह वर्ष पहले का यह दिन उनके जीवन का सबसे दुखद दिन था, जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके पिता की सोच, सिद्धांत और संघर्षपूर्ण जीवन आज भी उन्हें प्रेरित करते हैं और हर निर्णय में मार्गदर्शन देते हैं।
सैनिक जीवन से मिली प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिता अपनी वर्दी को अत्यंत सम्मान के साथ रखते थे और उनसे उन्होंने सीखा कि एक सैनिक के लिए उसकी वर्दी केवल कपड़ा नहीं बल्कि सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता ने उन्हें सिखाया कि राजनीति पद पाने का माध्यम नहीं बल्कि जनसेवा का मार्ग है।
युद्धों में निभाई अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके पिता ने महार रेजिमेंट में 28 वर्षों तक सेवा दी और 1962 भारत-चीन युद्ध, 1965 और 1971 भारत-पाक युद्ध, साथ ही ऑपरेशन ब्लूस्टार और ऑपरेशन रक्षक जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में योगदान दिया।
रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश के रक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में देश का रक्षा उत्पादन लगभग 46 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 2024-25 में 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
इसके साथ ही रक्षा निर्यात भी बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और भारत अब 80 से अधिक देशों को रक्षा सामग्री निर्यात कर रहा है।
सैनिक कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, शहीदों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि की गई है तथा आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जा रही है।
परमवीर चक्र विजेताओं को मिलने वाली राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा मिलेगी।
इसके अलावा राज्य सरकार ने बलिदानियों के परिवारों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी है।
मंत्री और गणमान्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री Ganesh Joshi ने भी सैनिकों के सम्मान को देश का गौरव बताते हुए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की माताजी विशना देवी, उनकी पत्नी गीता पुष्कर धामी, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।



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