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post authorAdmin 10 Apr 2026

गगनयान मिशन की दिशा में बड़ी सफलता: दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट सफल, 2027 में मानव अंतरिक्ष उड़ान का लक्ष्य.

भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गगनयान मिशन के दूसरे इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-02) की सफलतापूर्वक पूर्ति पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को बधाई दी है।

यह परीक्षण सतीश धवन स्पेस सेंटर, श्रीहरिकोटा में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस परीक्षण का उद्देश्य गगनयान मिशन में उपयोग होने वाले क्रू मॉड्यूल की सुरक्षा प्रणाली और आपातकालीन लैंडिंग क्षमता का परीक्षण करना था।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह सफलता भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन की तैयारी में एक बड़ा कदम है और इससे मिशन की सुरक्षा एवं विश्वसनीयता को और मजबूती मिलेगी।

गौरतलब है कि भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान अब वर्ष 2027 में लॉन्च किए जाने की योजना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने लगभग 10,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।

इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन के अनुसार, अंतिम मानव मिशन से पहले तीन अनक्रूड (बिना चालक) मिशन भेजे जाएंगे, जिनके माध्यम से अंतरिक्ष यान की तकनीक, सुरक्षा प्रणाली और जीवन-समर्थन तंत्र का परीक्षण किया जाएगा।

इसी क्रम में 4 अप्रैल से भारत के चार चयनित अंतरिक्ष यात्रियों ने लद्दाख में “मिशन मित्रा” के तहत उच्च ऊंचाई पर परीक्षण शुरू किया है। इसका उद्देश्य कठिन और चरम परिस्थितियों में अंतरिक्ष यात्रियों की शारीरिक और मानसिक क्षमता का आकलन करना है।

इस मिशन में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और पी. बालकृष्णन नायर सहित अन्य अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम लगातार काम कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि गगनयान मिशन भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर सकता है, जिन्होंने सफलतापूर्वक मानव को अंतरिक्ष में भेजा है।