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post authorAdmin 10 Apr 2026

नारी शक्ति वंदन बिल से पहले देहरादून में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, महिला कार्यकर्ताओं में खास उत्साह.

देहरादून।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण बिल के संसद में आने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून दौरे को लेकर भाजपा संगठन में खासा उत्साह देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री के स्वागत की तैयारियों से पूरा देहरादून राजनीतिक रूप से महकने लगा है और रैली में महिला पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई है।

राजनीतिक गलियारों में इसे ऐसे देखा जा रहा है मानो जगजीत सिंह की मशहूर ग़ज़ल— “तेरे आने की जब खबर महके, तेरी खुशबू से सारा घर महके…”—देहरादून के माहौल पर सटीक बैठ रही हो। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर भाजपा संगठन व्यापक स्तर पर तैयारियों में जुटा हुआ है।

जानकारी के अनुसार संसद में 16 से 18 अप्रैल के बीच विशेष सत्र आयोजित होने जा रहा है, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होने की संभावना है। इसी से ठीक पहले प्रधानमंत्री का देहरादून में रोड शो प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में इस विधेयक का उल्लेख भी कर सकते हैं।

इस कार्यक्रम को लेकर भाजपा संगठन ने महिला भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष योजना बनाई है। गुरुवार को तैयारियों को लेकर हुई बैठक में महामंत्री संगठन अजेय कुमार, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, रैली संयोजक कुंदन परिहार सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में तय किया गया कि प्रत्येक महिला पदाधिकारी रैली के लिए महिलाओं से भरी कम से कम एक गाड़ी लेकर आएंगी। इसकी जिम्मेदारी महिला मोर्चा को सौंपी गई है।

संगठनात्मक स्तर पर भीड़ जुटाने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। देहरादून महानगर की हर विधानसभा से 6000 कार्यकर्ताओं को लाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं देहरादून ग्रामीण और ऋषिकेश से 10-10 हजार लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य तय किया गया है।

इसके अलावा देहरादून नगर निगम के प्रत्येक पार्षद को 500 लोगों की भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए लगभग 12 किलोमीटर लंबे रोड शो की तैयारी की जा रही है, जिसकी जिम्मेदारी कैंट विधानसभा क्षेत्र के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। रोड शो के दौरान प्रधानमंत्री पर पुष्प वर्षा की भी योजना बनाई गई है।

कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न समुदायों की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए सिख और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था करने का भी निर्णय लिया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण से जुड़े इस बड़े विधायी कदम से पहले प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम भाजपा के लिए राजनीतिक संदेश देने वाला साबित हो सकता है।