देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून जिले में निजी अस्पताल की कथित लापरवाही का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने महिला की मौत की जानकारी समय पर परिजनों को नहीं दी, जिसके कारण परिजन उसे जिंदा समझकर कई अस्पतालों में इलाज के लिए भटकते रहे। बाद में दूसरे अस्पताल में जांच के बाद पता चला कि महिला की मौत कई घंटे पहले ही हो चुकी थी।
घटना देहरादून के हरबर्टपुर क्षेत्र की बताई जा रही है। सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला गांव की 25 वर्षीय महिला की तबीयत रविवार को अचानक खराब हो गई। घबराए परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए हरबर्टपुर स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की हालत बिगड़ गई। इसी बीच किसी स्पष्ट जानकारी के बिना परिजन महिला को वहां से लेकर दूसरे अस्पतालों की ओर निकल पड़े। आश्चर्यजनक बात यह है कि अस्पताल प्रशासन ने उसी समय पुलिस को महिला की मौत की सूचना दे दी थी, लेकिन परिजनों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
परिजन महिला को बचाने की उम्मीद में उसे लगातार तीन अलग-अलग अस्पतालों में लेकर पहुंचे, लेकिन हर जगह डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद वे लगभग 20 किलोमीटर दूर झाझरा स्थित अस्पताल पहुंचे।
झाझरा के अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच करने के बाद जो बताया, उसने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। डॉक्टरों के अनुसार महिला की मौत अस्पताल पहुंचने से कई घंटे पहले ही हो चुकी थी।
परिजनों का आरोप
परिजनों का कहना है कि यदि निजी अस्पताल समय रहते महिला की मौत की जानकारी दे देता, तो उन्हें इस तरह भटकना नहीं पड़ता। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें घंटों तक अंधेरे में रखा।
प्रशासन की कार्रवाई
घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।
नायब तहसीलदार ग्यारु दत्त जोशी के अनुसार हरबर्टपुर स्थित अस्पताल की लापरवाही प्रथम दृष्टया सामने आई है और मामले की रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी गई है। अब आगे की कार्रवाई एसडीएम स्तर से की जाएगी।
इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और परिजन अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।



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