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post authorAdmin 28 Mar 2026

भाजपा की घेराबंदी : तीन पूर्व विधायक सहित छह बड़े नेता आज कांग्रेस में होंगे शामिल, दिल्ली में होगी ज्वाइनिंग.

उत्तराखंड की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आ रहा है। कांग्रेस पार्टी राज्य में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए सक्रिय हो गई है। इसी कड़ी में आज दिल्ली में छह प्रमुख नेताओं को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई जाएगी, जिनमें तीन पूर्व विधायक भी शामिल हैं।

कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में यह ज्वाइनिंग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इन नेताओं में रुद्रपुर से भाजपा के पूर्व विधायक Rajkumar Thukral, पूर्व विधायक Narayan Pal, घनसाली के पूर्व विधायक भीम लाल आर्य, रुड़की के पूर्व महापौर गौरव गोयल, भीमताल से निर्दलीय चुनाव लड़ चुके लाखन सिंह नेगी तथा मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता शामिल हैं।

इन सभी नेताओं को दिल्ली में कांग्रेस की सदस्यता दिलाई जाएगी। बताया जा रहा है कि प्रदेश प्रभारी और पार्टी हाईकमान की मौजूदगी में यह औपचारिक ज्वाइनिंग होगी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस भाजपा के प्रभावशाली नेताओं को अपने साथ जोड़कर राज्य में बड़ा राजनीतिक समीकरण बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

सोमेश्वर सीट पर बड़ा मुकाबला संभव

सूत्रों के मुताबिक दो बार विधायक रह चुके Narayan Pal को 2027 विधानसभा चुनाव में अल्मोड़ा जिले की सोमेश्वर सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। इस सीट पर उनका मुकाबला मौजूदा कैबिनेट मंत्री Rekha Arya से होने की संभावना जताई जा रही है।

नारायण पाल 2002 से 2012 तक लगातार दस वर्षों तक सितारगंज से विधायक रह चुके हैं। उनके कांग्रेस में आने से इस सीट पर राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है।

रुद्रपुर सीट पर ठुकराल बन सकते हैं चुनौती

भाजपा के पूर्व विधायक Rajkumar Thukral की कांग्रेस में एंट्री रुद्रपुर सीट पर सियासी मुकाबले को रोचक बना सकती है।

राजकुमार ठुकराल 2012 से 2022 तक भाजपा के टिकट पर रुद्रपुर से विधायक रहे। 2022 विधानसभा चुनाव से पहले एक ऑडियो विवाद के बाद भाजपा ने उनका टिकट काट दिया था। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और करीब 26,988 वोट हासिल किए थे।

उस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को 60,602 वोट और कांग्रेस प्रत्याशी मीना शर्मा को 40,852 वोट मिले थे। ऐसे में आगामी चुनाव में ठुकराल की नई राजनीतिक पारी भाजपा के लिए चुनौती बन सकती है।