उत्तराखंड में शादी का झांसा देकर नौ साल तक महिला के साथ रहने और फिर शादी से मुकरने के आरोप में एक स्थानीय नेता को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है।
हाईकोर्ट ने आरोपी को निर्देश दिया है कि वह तीन दिन के भीतर पीड़िता से मिलकर शादी से जुड़े विवाद का समाधान करे।
मामला अल्मोड़ा जिले के भतरौंजखान क्षेत्र का बताया जा रहा है। पीड़िता के अनुसार आरोपी नेता ने नौ वर्षों तक शादी का आश्वासन देकर उसका शोषण किया और अंत में विवाह से मुकर गया।
महिला का कहना है कि करीब नौ साल पहले आरोपी उसे चितई गोल्ज्यू मंदिर ले गया था, जहां शादी की रस्में पूरी करने की बात कही गई थी, लेकिन अंतिम समय पर वह पीछे हट गया। इसके बाद भी आरोपी विभिन्न बहानों से शादी को टालता रहा।
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
यह मामला अब हाईकोर्ट पहुंच चुका है, जहां सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने आरोपी से मौखिक तौर पर कहा कि वह तीन दिन के भीतर पीड़िता से मिलकर इस विवाद का समाधान करने की कोशिश करे।
27 मार्च तक दिया गया समय
सुनवाई के दौरान आरोपी ने अदालत से अपनी गिरफ्तारी और दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग की।
लेकिन कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि 27 मार्च तक पीड़िता से मुलाकात कर समाधान तलाशने का प्रयास करें।
पीड़िता का आरोप: सरकारी कर्मचारी होने का उठाया फायदा
पीड़िता ने आरोप लगाया कि नौ साल के संबंध के दौरान आरोपी ने उसके सरकारी पद का लाभ उठाया।
महिला के मुताबिक वह आरोपी के साथ उत्तराखंड और अन्य राज्यों में घूमती रही और कई बार आरोपी के घर पर उसके परिवार के साथ भी रही।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उससे गाड़ी, कपड़े, मकान का किराया और निजी खर्च के लिए पैसे लिए, साथ ही लाखों रुपये नकद भी लिए।
दूसरी लड़की से शादी की तैयारी का आरोप
महिला का दावा है कि अब आरोपी किसी दूसरी लड़की से शादी करने की तैयारी कर रहा है।
पीड़िता के अनुसार जिस लड़की से आरोपी की शादी तय हुई है, उसने दोनों की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर भेजी, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ।
फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह मामला फिर चर्चा में है और अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि 27 मार्च तक इस विवाद का क्या समाधान निकलता है।



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