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post authorAdmin 24 Mar 2026

पर्यटन में बढ़ते कदम: आस्था, रोमांच और इंफ्रास्ट्रक्चर से उत्तराखण्ड बना फेवरेट डेस्टिनेशन.

उत्तराखण्ड ने पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार आस्था, रोमांच और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के संतुलित विकास के जरिए प्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रही है।

तीर्थ पर्यटन को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य में कई महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजनाओं पर कार्य शुरू किया गया है। केदारनाथ धाम के लिए सोनप्रयाग से लगभग 12.9 किलोमीटर लंबा रोपवे बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत ₹4,081 करोड़ है। वहीं, गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.4 किलोमीटर का रोपवे करीब ₹2,730 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए यात्रा का समय कम होगा और कठिनाई भी काफी घटेगी।

राज्य में पहली बार शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की गई है, जिससे पर्यटन को वर्षभर बढ़ावा मिल रहा है। इस पहल को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मुखवा पहुंचे, जो मां गंगा का शीतकालीन निवास स्थल माना जाता है।

कुमाऊं क्षेत्र में मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत 48 मंदिरों और गुरुद्वारों को धार्मिक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत व्यापक पुनर्विकास कार्य तेजी से जारी है। बदरीनाथ धाम को स्मार्ट आध्यात्मिक पहाड़ी कस्बे के रूप में विकसित करने के लिए ₹255 करोड़ की योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

राज्य सरकार एडवेंचर टूरिज्म को भी बढ़ावा दे रही है। उत्तराखण्ड में 83 प्रमुख हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण के लिए खोला गया है, जिससे देश-विदेश के पर्वतारोहियों को आकर्षित किया जा रहा है।

आदि कैलाश में आयोजित राज्य की पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन में 22 राज्यों से 700 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसके अलावा ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग और स्टार गैजिंग जैसी गतिविधियों ने उत्तराखण्ड को रोमांच पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “Wed in Uttarakhand” अपील के बाद राज्य वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

चार वर्षों में उत्तराखण्ड ने पर्यटन के क्षेत्र में “आस्था के साथ आधुनिकता” का मॉडल प्रस्तुत किया है, जिससे राज्य पर्यटन की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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