स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
मुकुंदानंद ब्रह्मचारी
आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज
जगद्गुरु रामभद्राचार्य
प्रयागराज
प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोपों को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला पिछले एक वर्ष की घटनाओं से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें एक नाबालिग सहित दो व्यक्तियों द्वारा यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रयागराज की पॉक्सो अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (POCSO) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। प्राथमिकी में दो-तीन अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है।
एफआईआर के अनुसार, वादी आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दावा किया कि हाल ही में प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के दौरान उनके ट्रस्ट द्वारा आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में दो व्यक्ति—जिनमें एक नाबालिग शामिल है—ने गुरु सेवा और धार्मिक प्रभाव के दुरुपयोग के माध्यम से यौन शोषण के आरोप लगाए।
हालांकि, गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वाराणसी में कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूर्ण विश्वास है और वे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं। उन्होंने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि मामला दर्ज होना आवश्यक है ताकि जांच के माध्यम से सत्य सामने आ सके।
स्वामी ने शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न उठाए और दावा किया कि वह शामली जिले के कांधला थाने में रजिस्टर्ड हिस्ट्रीशीटर है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता का झूठे मामलों का इतिहास रहा है।
मामला फिलहाल जांच के अधीन है और आगे की कार्रवाई न्यायालय एवं पुलिस की जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।




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