उत्तराखंड में ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो चुकी है। राज्य का पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट अब हरिद्वार जिले में स्थापित हो सकता है। इससे पहले ऊधमसिंह नगर जिले के नेपा फार्म और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 90 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से यह प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, चयनित भूमि के बीच से रेलवे ट्रैक गुजर रहा था, जिसे सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं माना गया। इसके बाद न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
अब हरिद्वार के बुग्गावाला क्षेत्र और आसपास की जमीनों में संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रत्येक राज्य में न्यूक्लियर पावर प्लांट की संभावनाएं तलाशने के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने जिलों से प्रस्ताव मांगे थे।
इस परियोजना के लिए न्यूनतम 300 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। भूमि चयन के बाद NPCIL द्वारा विस्तृत तकनीकी परीक्षण किया जाएगा, और केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
ऊर्जा विभाग के अनुसार, यदि यह परियोजना साकार होती है, तो लगभग 1000 मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन संभव होगा। वर्तमान में उत्तराखंड की पीक टाइम बिजली मांग लगभग 2700 मेगावाट है, और कई बार बिजली संकट की स्थिति बन जाती है। ऐसे में यह परियोजना राज्य को पावर सरप्लस बना सकती है।
बुग्गावाला क्षेत्र में पहले से ही रियल एस्टेट में बड़ा निवेश देखा गया है। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के बाद इस क्षेत्र में जमीन की कीमतों में तेजी आई है।




Admin






