प्रदेश में वर्ष 2024 में हुए अब तक के सबसे बड़े साइबर हमले के बाद भी कई सरकारी विभागों की कार्यशैली में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) ने इस सुस्ती पर गंभीर चिंता जताते हुए सभी विभागों को कड़ा निर्देश जारी किया है।
आईटीडीए द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जिन विभागों की वेबसाइट और एप राज्य डाटा सेंटर में होस्ट हैं, उनका अनिवार्य रूप से साइबर सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। इसके लिए सभी सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी वेबसाइट की लॉगिन क्रेडेंशियल, तकनीकी विवरण और एप्लिकेशन का तकनीकी एवं कार्यात्मक वॉकथ्रू उपलब्ध कराएं, ताकि साइबर सिक्योरिटी ऑडिट की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
2024 के साइबर हमले के बाद यह निर्णय लिया गया था कि डाटा सेंटर से जुड़े सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म का चरणबद्ध तरीके से सुरक्षा परीक्षण किया जाएगा। इसके बावजूद कई विभागों ने अब तक ऑडिट की प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
आईटीडीए ने चेतावनी दी है कि 31 मार्च तक जिन वेबसाइट या एप का सुरक्षा ऑडिट पूरा नहीं होगा, उनकी सेवाएं डाटा सेंटर से बंद कर दी जाएंगी। यह कदम प्रदेश की डिजिटल सेवाओं को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए समयबद्ध सुरक्षा ऑडिट बेहद जरूरी है, ताकि नागरिकों का डेटा सुरक्षित रखा जा सके।




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