देहरादून में पशुपालकों और डेयरी संचालकों के लिए नए नियम लागू कर दिए गए हैं। Dehradun Municipal Corporation ने स्पष्ट किया है कि अब पांच या उससे अधिक गाय, भैंस या दुधारू पशु रखने वाले लोगों को व्यावसायिक श्रेणी में रखा जाएगा और उनका पंजीकरण अनिवार्य होगा।
नगर निगम के अनुसार, पांच या अधिक पशु रखने वालों को डेयरी संचालक माना जाएगा। ऐसे पशुपालकों को प्रति पशु ₹500 की दर से पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा, जो तीन वर्षों तक मान्य रहेगा। आवेदन फॉर्म नगर निगम कार्यालय से ₹50 शुल्क देकर प्राप्त किया जा सकता है। पंजीकरण से पूर्व निगम की टीम मौके पर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच भी करेगी।
नगर निगम के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीके अग्रवाल ने बताया कि जिन लोगों के पास दो, तीन या चार दुधारू पशु हैं, उन्हें व्यावसायिक श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है और उनके लिए पंजीकरण आवश्यक नहीं है।
254 से अधिक डेयरियां संचालित
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, शहर में 254 से अधिक डेयरियां संचालित हैं, जिनमें से 176 पहले से पंजीकृत हैं। कांबली रोड, सेवक आश्रम रोड, मालवीय रोड, भंडारी बाग, खुड़बुड़ा, राजा रोड और चुक्खुवाला क्षेत्रों में बड़ी संख्या में डेयरियां चल रही हैं। शेष डेयरियों को भी पंजीकरण के दायरे में लाने की तैयारी की जा रही है।
गोबर नालियों में बहाया तो सख्त कार्रवाई
नगर निगम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ डेयरी संचालक गोबर को नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर बहा रहे हैं, जिससे जलनिकासी व्यवस्था बाधित हो रही है और गंदगी फैल रही है।
डॉ. अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि यदि कोई संचालक गोबर को नालियों या सार्वजनिक स्थानों पर बहाते पाया गया, तो उसके खिलाफ ₹5,000 से लेकर ₹50,000 तक और गंभीर मामलों में ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा।




Admin






