प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को असम पहुंचे, जहां उन्होंने कई बड़ी विकास परियोजनाओं की शुरुआत की और किसानों तथा चाय बागान श्रमिकों को महत्वपूर्ण सौगातें दीं।
प्रधानमंत्री ने कोकराझार में लगभग 4,570 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य असम में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और पर्यटन को मजबूत करना है।
इसके बाद प्रधानमंत्री गुवाहाटी पहुंचे, जहां उन्होंने ऐतिहासिक पहल करते हुए 28,000 से अधिक चाय बागान श्रमिकों को भूमि पट्टे (लैंड पट्टा) वितरित किए। चाय बागान समुदाय लगभग 200 वर्षों से असम में निवास कर रहा है, लेकिन उन्हें पहली बार घरेलू भूमि का अधिकार मिला है।
सरकार के अनुसार यह एक चरणबद्ध योजना की शुरुआत है, जिसके तहत आने वाले समय में लाखों चाय बागान परिवारों को भूमि अधिकार दिए जाने की योजना है।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने पीएम एकता मॉल का उद्घाटन भी किया, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलने और नए रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान देशभर के 9.3 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पीएम-किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी की। इस योजना के तहत पात्र किसानों को 2,000 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए, जिससे असम के हजारों किसानों को भी लाभ मिला।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि असम देश की नवीकरणीय ऊर्जा प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऊर्जा, पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह भी देखने को मिला। एक किसान रोहित नाथ ने कहा कि सरकार द्वारा दिए गए आर्थिक सहयोग और भूमि अधिकार से कृषि उत्पादन बढ़ेगा।
इस दौरान असम के मुख्यमंत्रीहिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा राज्य के विकास को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी से असम में इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और सामाजिक न्याय को मजबूती मिल रही है।
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को सिलचर में भी कई अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने वाले हैं।




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