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post authorAdmin 18 Feb 2026

उत्तराखंड:शिक्षकों के लिए आदेश : आधे दिन कराएं पढ़ाई फिर एसआईआर, चूक पर दर्ज होगा मुकदमा.

उत्तराखंड में बीएलओ (Booth Level Officer) ड्यूटी कर रहे शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ता जा रहा है। एक ओर उन्हें स्कूलों में नियमित शिक्षण कार्य करना है, वहीं दूसरी ओर निर्वाचन आयोग द्वारा सौंपे गए एसआईआर (Special Intensive Revision) के कार्य को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करना है।

राज्य में 11 हजार से अधिक बीएलओ नियुक्त हैं, जिनमें लगभग 6000 कार्मिक शिक्षा विभाग से जुड़े हैं। शिक्षकों का कहना है कि आधे दिन स्कूल में पढ़ाने और आधे दिन एसआईआर का कार्य करने की व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है। कई शिक्षकों को उनके स्कूल से दूर क्षेत्रों में बीएलओ की ड्यूटी दी गई है, जिससे समय और संसाधनों की भारी समस्या उत्पन्न हो रही है।

देहरादून के जूनियर हाईस्कूल तेलीवाला के तीन शिक्षकों को शहर के अलग-अलग बूथों पर बीएलओ नियुक्त किया गया है। इनमें से एक शिक्षक को बालावाला क्षेत्र में तैनाती दी गई है, जो स्कूल से काफी दूरी पर है। ऐसे में आधे दिन की स्कूल ड्यूटी के बाद एसआईआर का कार्य पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

निर्वाचन आयोग की सख्त चेतावनी

सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि एसआईआर कार्य में किसी भी स्तर पर चूक पाए जाने पर संबंधित बीएलओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस चेतावनी के बाद शिक्षकों में असंतोष और चिंता दोनों बढ़ गए हैं।

शिक्षक संघ की प्रतिक्रिया

प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र रावत का कहना है कि शिक्षकों से एक साथ दो पूर्णकालिक जिम्मेदारियां निभाने की अपेक्षा अनुचित है। वहीं पौड़ी के जिलाध्यक्ष मनोज जुगरान के अनुसार लगभग 70 प्रतिशत बीएलओ शिक्षक हैं और उन्हें आधे दिन शिक्षण व आधे दिन एसआईआर कार्य करने के आदेश दिए जा रहे हैं।

आयोग का पूर्व हस्तक्षेप

देहरादून के प्राइमरी स्कूल अमृतकौर रोड के प्रधानाचार्य का वेतन शिक्षा विभाग ने अनुपस्थिति के आधार पर रोक दिया था। बाद में निर्वाचन आयोग के हस्तक्षेप के बाद स्पष्ट हुआ कि वह एसआईआर ड्यूटी पर थे और उत्कृष्ट कार्य कर रहे थे, जिसके बाद उनका वेतन जारी किया गया।

आंगनबाड़ी कर्मचारियों पर भी प्रभाव

एसआईआर ड्यूटी में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कर्मचारियों को भी लगाया गया है। उन्हें भी आधे दिन केंद्र संचालन और आधे दिन एसआईआर कार्य करने का निर्देश मिला है, जिससे दोहरी जिम्मेदारी की समस्या उनके सामने भी खड़ी हो गई है।

Teachers in Uttarakhand are troubled by the dual pressure of SIR and teaching in schools