देहरादून | राजनीतिक ब्यूरो |
उत्तराखंड की राजनीति में होली से पहले बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फैसला देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार 20 से अधिक वरिष्ठ भाजपा नेताओं को दर्जाधारी मंत्री (राज्यमंत्री दर्जा) बनाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार संभावित नामों की सूची तैयार कर ली गई है और विभागों से रिक्त पदों का ब्योरा मांगा गया है।
मंत्रिपरिषद विभाग के उप सचिव आलोक कुमार सिंह ने सभी प्रमुख सचिवों और सचिवों को पत्र भेजकर आयोग, निगम और परिषदों में भरे व रिक्त पदों का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इन पदों के लिए निर्धारित शैक्षिक योग्यता और आयु सीमा की जानकारी भी मांगी गई है।
धामी सरकार में हलचल
पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार में लंबे समय से दायित्व वितरण की चर्चा चल रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी हाल ही में मुख्यमंत्री के साथ इस विषय पर बातचीत की पुष्टि की है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि लगभग 20 से अधिक वरिष्ठ नेताओं के नाम संगठन की ओर से सरकार को सौंपे जा चुके हैं।
अब तक 72 नेताओं को मिला दर्जा
उत्तराखंड के विभिन्न आयोगों, निगमों और परिषदों में 200 से अधिक पद ऐसे हैं, जहां सरकार अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सलाहकार और सदस्य के रूप में नियुक्तियां करती है। अब तक 72 नेताओं को दायित्व दिए जा चुके हैं, जिनमें से 62 को राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त है, जबकि 10 को अध्यक्ष या उपाध्यक्ष पद सौंपे गए हैं।
चुनावी वर्ष का दबाव
राज्य में अगले साल जनवरी से संभावित रूप से आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो सकती है। ऐसे में संगठन पर दायित्व वितरण का दबाव बढ़ा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समय रहते दायित्व वितरण से पार्टी को चुनावी लाभ मिल सकता है।



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