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post authorAdmin 04 Feb 2026

Bengal SIR Hearing: मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग को नोटिस — 9 फरवरी को अगली सुनवाई.

नई दिल्ली।
पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर देश की राजनीति और न्यायपालिका के बीच एक अहम टकराव सामने आया है।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है।
मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी।

इस सुनवाई को ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि यह पहला अवसर है जब किसी राज्य की मौजूदा मुख्यमंत्री स्वयं सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित होकर दलीलें देती नजर आईं।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने न सिर्फ ममता बनर्जी की याचिका, बल्कि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से दाखिल अलग याचिका पर भी चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है।

मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट शब्दों में कहा—“दोनों याचिकाओं पर नोटिस जारी किया जाता है। चुनाव आयोग द्वारा दायर एक अन्य हलफनामा भी इस मामले से जुड़ा है, जिसे आगामी सुनवाई में देखा जाएगा।”

सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अदालत से भावुक अपील करते हुए कहा “कृपया लोगों के अधिकारों की रक्षा कीजिए। हम आपके आभारी हैं।”

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में डोमिसाइल सर्टिफिकेट स्वीकार नहीं किए जा रहे, जिससे आम नागरिकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस विषय पर चुनाव आयोग को छह पत्र लिखे गए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

मुख्यमंत्री ने कहा—“जब हर दरवाज़े बंद हो जाते हैं और न्याय दरवाज़े के पीछे रोता है, तब हम यहां आते हैं। यह लड़ाई किसी पार्टी की नहीं, बल्कि लोगों के अधिकारों की है।”