Rail Vikas Nigam Limited (आरवीएनएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सलीम अहमद ने ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत निर्मित सुरंगों और प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों का दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया।
सीएमडी सलीम अहमद ने कहा कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद ऋषिकेश से कर्णप्रयाग का सफर मात्र ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने इसे गढ़वाल हिमालय क्षेत्र के लिए एक परिवर्तनकारी परियोजना बताते हुए कहा कि यह भविष्य की पर्वतीय रेलवे परियोजनाओं के लिए एक मानक स्थापित करेगी।
उन्होंने बताया कि यह रेलवे लाइन सुरंगों पर आधारित है, जो हिमालयी क्षेत्र को सुरक्षित, विश्वसनीय और हर मौसम में रेल संपर्क उपलब्ध कराएगी। इससे बार-बार होने वाले भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित कमजोर सड़क नेटवर्क पर निर्भरता कम होगी।
सीएमडी ने जानकारी दी कि शिवपुरी और ब्यासी रेलवे स्टेशनों का निर्माण कार्य दिसंबर 2025 से शुरू हो चुका है, जबकि देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर, धार देवी, तिलानी, घोलतीर, गौचर और कर्णप्रयाग स्टेशनों का निर्माण कार्य मई 2026 से शुरू किया जाएगा।
परियोजना में सुरंगों की खुदाई का कार्य 98 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। कुल 19 पुलों में से 8 पुलों का निर्माण भी पूर्ण कर लिया गया है। ट्रैक बिछाने के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद सर्वे कार्य जारी है और जल्द ही ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा। वहीं अक्तूबर माह से ट्रैक पर विद्युत और सिग्नलिंग कार्य भी प्रारंभ कर दिया जाएगा।



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