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post authorAdmin 15 Jan 2026

उत्तराखंड: SIR शुरू होगा तो ही दूसरे राज्यों के मतदाताओं की होगी बीएलओ मैपिंग, अगले माह संभावित Content: सार: देहरादून प्री एसआईआर के तहत बीएलओ मैपिंग कराई गई। 10 जनवरी तक हुई मैपिंग में प्रदेश के 85 .

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही दूसरे राज्यों से आए मतदाताओं की BLO मैपिंग की जाएगी। फिलहाल प्री-SIR के तहत राज्य में मतदाताओं की प्रारंभिक मैपिंग पूरी की जा रही है, जिसमें 10 जनवरी तक कुल 85 लाख मतदाताओं में से 59 लाख की मैपिंग हो चुकी है।

चुनाव अधिकारियों के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उत्तराखंड में दर्ज थे, उनकी BLO मैपिंग पूरी कर ली गई है। ऐसे मतदाताओं को SIR के दौरान किसी भी प्रकार के अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने से छूट दी गई है।

हालांकि, प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता भी हैं, जो वर्तमान में उत्तराखंड में मतदाता हैं, लेकिन वर्ष 2003 में उनका नाम उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में दर्ज था। इन मतदाताओं की जानकारी प्री-SIR के दौरान एकत्र की गई है, लेकिन अभी ऐप आधारित BLO मैपिंग नहीं की गई है।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने स्पष्ट किया कि इन मतदाताओं की डिजिटल मैपिंग SIR की औपचारिक शुरुआत के बाद ही संभव होगी। फिलहाल राज्य में SIR की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इसके फरवरी माह में शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

चुनाव प्रशासन ने ऐसे सभी मतदाताओं को सलाह दी है कि वे SIR शुरू होने से पहले अपने आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। इनमें वर्ष 2003 के मतदाता विवरण, या माता-पिता एवं दादा-दादी से संबंधित मतदाता जानकारी शामिल हो सकती है। यदि ये दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो Election Commission of India द्वारा निर्धारित 12 वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक SIR फॉर्म के साथ जमा करना अनिवार्य होगा।