सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने बुधवार को उत्तराखंड में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारत के संकल्प और संयम का निर्णायक प्रदर्शन बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने न केवल भारतीय सशस्त्र बलों की पेशेवर दक्षता को उजागर किया, बल्कि देश के युवाओं की नैतिक शक्ति को भी दुनिया के सामने रखा।
सेना प्रमुख के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों ने पिछले वर्ष अप्रैल में हुए भयावह पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में 6–7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। इस निर्णायक सैन्य कार्रवाई में कम से कम 100 आतंकवादियों को मार गिराया गया। पहलगाम हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
यह बयान उन्होंने राष्ट्रीय कैडेट कोर के गणतंत्र दिवस शिविर में कैडेटों को संबोधित करते हुए दिया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन भारत की सुरक्षा नीति में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
एक दिन पहले ही सेना प्रमुख ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया था कि ऑपरेशन अभी जारी है और दुश्मन की किसी भी दुस्साहसपूर्ण हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
सेना के वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने बताया कि इस अभियान ने आतंकी ढांचे पर गहराई से प्रहार किया और इस्लामाबाद की लंबे समय से चली आ रही परमाणु बयानबाजी की हवा निकाल दी।



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