kotha
post authorAdmin 13 Jan 2026

अंकिता भंडारी हत्याकांड: वीआईपी भूमिका की जांच के लिए CBI को पत्र, पूर्व विधायक सुरेश राठौर नार्को टेस्ट को तैयार.

अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी की कथित भूमिका को लेकर अब जांच की दिशा और तेज हो गई है। राज्य सरकार ने इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी CBI को औपचारिक पत्र भेजते हुए जांच का अनुरोध किया है। यह निर्णय मृतका अंकिता भंडारी के माता-पिता की मांग के बाद लिया गया।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, पत्र में पूरे प्रकरण का विवरण साझा किया गया है और वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच का आग्रह किया गया है। अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और माता सोनी देवी ने 7 जनवरी को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। उन्होंने जांच को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में कराने का भी अनुरोध किया था।

मुख्यमंत्री द्वारा 9 जनवरी को सीबीआई जांच की संस्तुति दिए जाने के बाद अब इस दिशा में औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। माना जा रहा है कि सीबीआई द्वारा जल्द ही मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की जा सकती है।

इधर, अभिनेत्री उर्मिला सनावर से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट के बाद प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। वीआईपी जांच की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होगी।

नार्को टेस्ट को लेकर बड़ा घटनाक्रम

इसी मामले से जुड़े कथित ऑडियो-वीडियो प्रकरण में एसआईटी की जांच तेज है। पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने पूछताछ के दौरान नार्को टेस्ट के लिए सहमति दे दी है। उन्होंने नेहरू कॉलोनी थाने में पुलिस अधिकारियों के समक्ष लंबी पूछताछ का सामना किया।

पुलिस का फोकस सोशल मीडिया पर वायरल उस ऑडियो पर है, जिसमें कथित तौर पर पूर्व विधायक की आवाज होने का दावा किया जा रहा है। राठौर का कहना है कि यह बातचीत उनकी सहमति के बिना रिकॉर्ड की गई थी और उस समय वह दवाइयों के प्रभाव में थे।

पुलिस ने आवाज की फॉरेंसिक जांच के लिए वॉयस सैंपल मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की वैज्ञानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।