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post authorAdmin 02 Dec 2025

संस्कृत उत्थान के लिए उच्चस्तरीय आयोग का गठन होगा: सीएम धामी.

हरिद्वार में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन के समापन सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संस्कृत भाषा के उत्थान और विकास के लिए एक उच्चस्तरीय आयोग गठित करने की घोषणा की। कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय की ओर से संस्कृत अकादमी में किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति, वैदिक साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा की मूल धारा संस्कृत में ही निहित है। वेद, पुराण, उपनिषद, दर्शन, गणित, खगोल, साहित्य और व्याकरण जैसे विषयों का विशाल ज्ञान संस्कृत में सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि विश्व की अनेक भाषाओं की जड़ें प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से संस्कृत से जुड़ी हुई हैं।

सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी संस्कृत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया है। उनका कहना था कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है।

कार्यक्रम में विदेश मंत्रालय की सचिव डॉ. नीना मल्होत्रा, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री, कुलसचिव दिनेश कुमार और अन्य कई विद्वान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने स्कूल के दिनों में याद किए हुए कुछ संस्कृत श्लोक भी सुनाए और कहा कि संस्कृत की मधुरता आज भी उन्हें प्रेरित करती है।