उत्तरकाशी के चिणाखोली गांव में मंदिर चोरी की घटना ने एक अनोखा मोड़ ले लिया, जब नागराजा की देवडोली स्वयं ग्रामीणों के साथ नगर कोतवाली पहुँची। देवडोली द्वारा कोतवाली में चोरों की पहचान करने पर उपस्थित लोग हैरान रह गए।
घटना के अनुसार, रविवार को पुलिस ने शक के आधार पर दो लोगों को हिरासत में लिया था, लेकिन उनके पास चोरी का सामान नहीं मिला। बाद में देवडोली द्वारा बताए गए स्थान पर मंदिर से चोरी हुआ दानपात्र और देवता की मूर्ति बरामद हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार, घटना वाले दिन दो लोग गांव आए थे और सेमनागराजा मंदिर के पुजारी विकेश सेमवाल से बातचीत कर गांव के बारे में जानकारी ली थी। उसी दिन गांव में शादी समारोह था। जब पूजा के बाद पुजारी वापस मंदिर पहुँचे तो मंदिर का दरवाजा टूटा मिला और दान पात्र व देवमूर्ति गायब थे। इसकी सूचना तुरंत कोतवाली को दी गई।
सोमवार को ग्रामीण देवडोली के साथ कोतवाली पहुँचे, जहाँ देवडोली ने हिरासत में लिए गए दोनों लोगों को आरोपी बताते हुए कहा कि चोरी में कुल पाँच लोग शामिल थे, जिनमें से केवल दो ही गांव में दिखे थे।
कोतवाल भावना कैंथोला ने बताया कि दो लोगों को हिरासत में लेकर घटना की जांच की जा रही है, हालांकि अभी तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।



Admin






