उत्तराखंड कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कृषि भूमि को अकृषि कराए बिना ही वहां रिजॉर्ट निर्माण की अनुमति दे दी है। अब लोगों को 143 लागू करवाने या दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि कैबिनेट बैठक में कुल 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
पहले कृषि भूमि पर केवल ईको-रिजॉर्ट बनाने की अनुमति थी, लेकिन अब सामान्य रिजॉर्ट भी बनाए जा सकेंगे। साथ ही रिजॉर्ट निर्माण के लिए सड़क चौड़ाई के मानकों में भी बदलाव किया गया है—मैदानी इलाकों में 12 मीटर से घटाकर 9 मीटर और पर्वतीय क्षेत्रों में 9 मीटर से घटाकर 6 मीटर कर दिया गया है।
हालांकि, कृषि योग्य भूमि कम होने की चिंता भी जताई गई है। राज्य के कई हिस्सों में बंदर, लंगूर और जंगली सुअरों के कारण किसानों का खेती से मोहभंग हो रहा है।
शहरीकरण के लिए नई टाउनशिप योजना को मंजूरी
कैबिनेट ने टाउनशिप और लैंड-पूलिंग योजना को भी स्वीकृति दी है। इसके तहत छोटे भूखंडों को मिलाकर बड़े शहरी क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। योजना को अहमदाबाद, सूरत और अमरावती मॉडल के आधार पर लागू किया जाएगा।
इसके तहत गांवों में लोगों की कृषि भूमि लेकर उन्हें शहरों में आवासीय और व्यावसायिक भूखंड दिए जाएंगे।
पहाड़ों पर मल्टी-स्टोरी इमारतों को अनुमति
नई बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन के तहत:
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ग्रीन बिल्डिंग को अधिक FAR (Floor Area Ratio) मिलेगा
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पहाड़ों में मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग निर्माण को अनुमति
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रोड-लेवल पार्किंग वाले भवनों पर ऊंचाई में छूट
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मोटल श्रेणी को समाप्त कर दिया गया है
उत्तराखंड भूकंप संवेदनशील जोन में आता है, इसलिए भवन ऊंचाई के मानक पहले कड़े थे, जिनमें अब आंशिक छूट दी जाएगी।



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