उत्तराखंड के पौड़ी जिले में नरभक्षी तेंदुए के आतंक ने हालात गंभीर कर दिए हैं। कई गांवों में कोरोना लॉकडाउन जैसी स्थिति बन गई है। बढ़ते खतरे के चलते शिक्षा विभाग ने जिले के 55 स्कूलों को मंगलवार तक बंद रखने का फैसला लिया है और कक्षाएं ऑनलाइन कराने के निर्देश दिए हैं। कई आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश घोषित किया गया है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय क्वाली क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता बढ़ने के बाद संकुल बाडा, चरधार और ढांढरी के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
बीईओ के अनुसार, बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए शिक्षण कार्य ऑनलाइन माध्यम से जारी रहेगा।
तेंदुए के डर से ग्रामीण शाम होने से पहले ही घरों में बंद हो जा रहे हैं। बाजारों में भी दिन ढलने से पहले सन्नाटा छा जाता है। लोगों का कहना है कि परिस्थितियाँ बिल्कुल कोरोनाकाल जैसे प्रतिबंधों की याद दिला रही हैं।
वन विभाग की रिपोर्ट और जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधि को देखते हुए डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने जिलेभर के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में भी बदलाव किया है। अब संस्थान सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित किए जाएंगे।
गजल्ड गांव और आसपास के इलाकों में तेंदुए की सक्रियता लगातार बनी हुई है। बीते गुरुवार को गुलदार ने एक व्यक्ति पर हमला कर उसकी जान ले ली थी। वन विभाग ने तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर शूटर तैनात किए हैं, लेकिन अब तक वह पकड़ से बाहर है।



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