देहरादून में वकीलों के धरनास्थल पर पहुँचे कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का बयान विवादों में आ गया। समर्थन जताने पहुंचे रावत के कथित आपत्तिजनक शब्दों से सिख समुदाय की भावनाएँ आहत हुईं, जिसके बाद विरोध शुरू हो गया।
रावत की टिप्पणी के खिलाफ सिख समुदाय ने राजधानी के घंटाघर चौक पर प्रदर्शन किया और उनका पुतला दहन किया।
सूत्रों के अनुसार, धरनास्थल पर एक सिख वकील बोलने के लिए खड़े हुए तो रावत ने उन्हें बैठने के लिए ऐसी भाषा का प्रयोग किया, जिसे सिख समुदाय ने अपमानजनक माना। बढ़ते विवाद के बीच रावत ने तुरंत माफी मांगी और धरनास्थल से वापस लौटना पड़ा।
बाद में शाम को वह बार एसोसिएशन कार्यालय पहुँचे और वकीलों के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य किसी का अपमान नहीं था और यदि किसी की भावनाएँ आहत हुई हों तो वह क्षमा चाहते हैं। रावत ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित सिख वकील से उनके निजी संबंध हैं और बात को गलत अर्थ में लिया गया।



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