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post authorAdmin 24 Sep 2025

देहरादून में भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट द्वारा ऐतिहासिक शहरी परिदृश्य पर गोलमेज सम्मेलन.

विशेषज्ञों ने किया शहरी परिदृश्य पर मंथन 

देहरादून में भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट द्वारा ऐतिहासिक शहरी परिदृश्य पर गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विरासत और शहरी परिदृश्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।...

देहरादून। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट की ओर से ऐतिहासिक शहरी परिदृश्य के दृष्टिकोण पर गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया। यह आयोजन ऐतिहासिक शहरी परिदृश्य श्रृंखला 2025 के तहत किया गया। इसका उद्देश्य द्रोणा फाउंडेशन, आईसीओएमओएस इंडिया, राष्ट्रीय शहरी मामले संस्थान, हेरिटोपोलिस और अल्ट्रिम पब्लिशर्स के साथ विरासत और शहरी परिदृश्य के बारे में जागरूकता बढ़ाना रहा। डब्ल्यूआईआई, सी 2सी केंद्र से अनुरंजन रॉय ने अन्य शहरों के उदाहरण दिए जहां परिदृश्य दृष्टिकोण शहर की योजना का अभिन्न अंग रहा है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के विशेषज्ञों ने वन्यजीव मार्ग की अवधारणा और शहरी शहर की योजना में उनके एकीकरण पर बात रखी, जो हरित आवरण को बहाल करने और पर्यावरणीय प्रभाव को रोकने में मदद कर सकता है।
[12:35 pm, 24/9/2025] Rakesh Bhatt: वाडिया भूविज्ञान के भूविज्ञानी ने शहर में कई भू-विरासत स्थलों पर प्रकाश डाला। आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर राम सतीश ने चर्चा की कि विरासत शहर के सतत विकास के लिए एक प्रेरक दिशा हो सकती है। एक विरासत सलाहकार समिति का विचार सामने आया। इस दौरान उत्तराखंड की चैप्टर प्रभारी और सह-संयोजक अंजलि भरतरी, दून की संयोजक भारती पी जैन आदि मौजूद रहे।